मेरी शादी – 4 (Ek Gand Chudayi Katha)

वो हट तो गया, लंड को छोड़ दिया लेकिन मुझे नहीं खोला और 1 ही मिनट के अन्दर ही अन्दर वापस उसी तरह मेरी आँखों में बिजली चमका के लण्ड को अपने सीने में डूबा ले गया, और मेरी छाती पे मुक्का मारा!

मैं समझा नहीं! एक तो मूत का pressure इतना बढ़ गया था ऊपर से ये छाती और पेट पे मारे जा रहा था! शायद कुछ कहना चाह रहा था वो मुझसे! जब कुछ नहीं हुआ तो उसने मेरा bladder दबाया, जोर से नाक और फेफड़ो का दम लगा के डांटने के सुर में बोला – “हम्म..!!”

और दोनों हाथ मेरी गांड के नीचे डाल के जल्दी जल्दी उंगलियों से आगे खींच के गांड ऐसे दबाई के जैसे मुझे कुछ करने को कह रहा हो! मैं समझ गया ये मूतने का बोल रहा है!

मेरी तो वैसे भी हालत tight थी ऊपर से उसके ऐसे इशारे, मेरे लण्ड में से मूत का झरना पता नहीं कब कैसे अपने आप फूट के उसके दिल पे shower करने लगा और किसी बोतल से मुह लगा के गर्मी में मरता इंसान पानी पीता है

वैसी आवाजों से वो गट गट सारा मूत पी गया! जब लण्ड बहार आया तो मुझे जादू जैसा लगा! लण्ड के अन्दर जाने से पहले bladder पे कितना pressure था, और अब गायब! कुछ feel भी नहीं हुआ और काम भी हो गया!

मूत पी के वो निढाल हो के मेरी जांघ मे मुह छिपाए कुछ देर पड़ गया! जैसे नशे में है! इस बीच मैंने फिर उसे मनाने की कोशिश की – “सुन न टीनू! खोल दे न please! मुझे तुझे पकड़ के चोदना है! तेरा गला दबा के चोदुंगा! तुझे डर है तो आँखे मत खोलना बस!

हाथ पैर तो खोल दे थोड़ी तो दया कर, अपने भैय्या की बात नहीं मानेगा? अच्छा मैं तुझे ढेर सारे लण्ड से चुद्वावाऊंगा! मेरा college मुझसे डरता है! तू जिसका चाहे उसका लण्ड तुझे दिलवा दूंगा और खुद तुझे हमेशा प्यार करूँगा, बस एक बार खोल दे यार…मैं मर जाऊँगा!”

वो उठा और वापस हाथ में मेरा लण्ड पकड़ के शायद मेरे मूत की कुछ बूंदों, precum और अपने थूक, इन सभी का मिलाजुला स्वाद और गीलेपन से मेरी foreskin के अन्दर लण्ड का चमकता हुआ मुह देखा और उसे चाट लिया!

फिर पकड़ के साड़ी चमड़ी पीछे खींच के लण्ड के टोपे को नंगा कर के अपने nostrils पे, अपने होठो पे, आँखों पे, माथे पे, पूरे चहरे पे रगड़ रगड़ के लण्ड की खुशबु से नहाने लगा! लण्ड के नीचे की भयंकर फूली हुई नस को जड़ से दबाया तो precum और ढूलने लगा, उसे जीभ पे लेके मेरे ही टोपे पे रगड़ के वापस लण्ड को अन्दर ले गया गले में!

मैं ऐसा पगलाया के barcalounger पे ऐसे झटके खाने लगा जैसे मैं उछल उछल के चल रहे घोड़े की पीठ पे बैठा हूँ! मैं फिर चिल्लाया – “टीनू…टीनू…टीई.ई…इ.इ…नु..उ..उ..उ..!!! ले..साले…ले मेरा लवड़ा…ले…आज तुझे…मार ही डालूँगा….ले तेरे भाई का दमदार लण्ड..चूस…और चूस….निकाल ले सारा माल…पी जा कुतिया…ये आया…आया..मेरा …  … ” मुझे इस तरह आपा खोते देख वो भी संभल के बैठ गया दोनों हाथो से मेरी जांघे कुचलने लगा!

मैंने कहा “अच्छा एक बात तो मान ले please यार, बस पैर पैर खोल दे, मेरा आने ही वाला है, मुझे थोडा उछल के पूरा excitement से निकालने दे भाई तेरे हाथ जोड़ लू! मुझे गुस्सा मत दिला अब, खोलेगा तो तुझे हमेशा प्यार करूँगा, नहीं खोलेगा तो देख लेना कभी तुझसे बात नहीं करूँगा, ये लण्ड तुझे वापस जिंदगी में कभी नहीं दूंगा ध्यान रख लेना!”

भगवन का शुक्रिया के उसने मेरी इतनी बात मान ही ली आखिर और मेरे पेरों की टेप खोल दी! पैर खुलते ही मैंने दोनों पैर उठा के ऐसे ऊपर कर लिए जैसे मैं लण्ड मांग रहा हूँ!

दोनों बंधे हाथो के ऊपर अपनी दोनों जांघे टिका के फैला लिए पैर और मेरे आण्डे लटक के मेरी गांड के छेद को block करने लगे! मुझे मेरी गांड पे गर्म soft चमड़ी के touch होने की वजह से और ज्यादा excitement होने लगा और मैं सांस रोक के थूक गटकने लगा बार बार! उसे शायद पता चल गया के अब मेरा लण्ड कत्ल हो जाने को तैयार है

तो मेरा आने ही वाला है ये देख के टीनू ने दोनों हाथो की उँगलियाँ मेरे butt crack में आगे की तरफ से डाल दी! फैल के चौड़े हुए पेरो के बीच लटकते आण्डो के नीचे छुपे हुए उस के थूक से भरे छोटे से मेरे गांड के छेद को उसने अपनी उंगलियों से touch किया! थूक से भरा हुआ सब कुछ इतना सॉफ्ट चिकना लग रहा था के मुझे लगा कोई test tubes का close end मेरी गांड पे hot glue लगा के मसल रहा है!  

excitement इतना ज्यादा हो गया के मुझे लगा काश ये 3-4 test tubes मेरे अन्दर ही घुस जाए पूरी! लण्ड को उसके अन्दर और deep धंसाते हुए और गांड को और फाड़ते हुए उसकी उंगलियों पर मचलाते हुए मैंने उस से कहा – “स..s..s..s…s…स…….हां…हह..ह.ह…..हा….और कर और कर मेरे टीनू!

मेरा आने ही वाला है चूस…जोर से चूस….तेरी उंगलिया चुभा दे मेरी गांड में…एक हाथ से आण्डे खींच पूरे जोर से और दुसरे हाथ की उँगलियाँ डाल दे अन्दर मेरे…जल्दी कर…!!” उसने ऐसा ही किया, लेफ्ट हैण्ड से मेरे दोनों आण्ड पकड़ के साइड में खींच लिए और राईट हैण्ड की उंगलिया इकट्ठी कर के थूक में भर के मेरे छेद में घुसा दी!

मैं चिल्लाया जरूर, हल्का दर्द भी हुआ लेकिन वो दर्द तो मैं हर पल लेने को तैयार हु आज भी! मन हुआ के काश ये उंगलिया कोई लण्ड जैसी गोल, चिकनी, smooth सॉफ्ट और तेल में डूबी हुई चीज़ होती और मेरे अन्दर घुसती ही जाती!

मेरा लण्ड तो उसके गले में कोई 4-5 मिनट से डूबा हुआ था बहार ही नहीं आया, और अब मेरा लण्ड जैसे भागते भागते एकदम रुक गया! 2-4 खाली twitch मारे और मैं चिल्लाया – “हाथ को पूरी ताकत से अन्दर बहार कर, ठोक मेरे prostate पे और गांड पे जोर से…..ठोक…हाँ …आया…आ.अ.आ….अय्याया…..” वो मैंने कहा जैसा करता गया और मेरा लण्ड मलाई का छिडकाव उसकी छाती के हर कोने में करता गया!

मेरे पैर barcalounger के हाथो से बहार लटके लटके इतने कड़क पड़ गए के जकड गए! गांड पत्थर की तरह अकड़ गई और भींच गई, prostate फूल फूल के साँसे भरने लगा और गांड का छेद उसकी उंगलियों को टाइट कस कस के अपने अन्दर गहरे से गहरा खींचने लगा!

दोनों की साँसे नाक से बुरी तरह निकल निकल के आवाज़े करने लगी और धीरे धीरे दोनों ढीले पड़ के मर गए! बड़ी देर तक दोनों उसी pose में पड़े रहे! मेरा पूरा धात खा के उसमे एनर्जी आनी चाहिए थी तो उल्टा मारा हुआ पड़ा है!

और मेरा लण्ड तो बेचारा असली में मर ही  चूका था! फिर कुछ ही देर में उसी के गले में पड़ा पड़ा वो dragon से पत्थर बना, पत्थर से लकड़ी हुआ, फिर tyre tube  हुआ, फिर वापस आखिर कार वो ही मारा हुआ चिड़िया का बच्चा बन गया जो शुरू में पेड़ से गिर के टीनू की हथेली में आया था!

इतने में उसका फ़ोन बजा! रिंगटोन समझ में आती उसके पहले ही वो इतनी फुर्ती से झपट के उठा और vibrate पे कर दिया के मैं पहचान न लू! अब भी उसका फ़ोन बार बार vibrate होता रहा! तो वो अब जाने की जल्दी मचाने लगा! मुझे ऐसे ही छोड़ के जल्दी से अपने कपडे पहने, गेट का लॉक खोला ! मैं डर गया के अब ये मुझे कहीं ऐसे ही बंधा हुआ छोड़ के न चला जाये!

लेकिन वो गेट को खुला रख के वापस आया, मुझे smooch कर के मेरे दोनों हाथो की टेप खोली और इतनी फुर्ती से गेट बंद कर के भागा के मैंने जल्दी जल्दी आँखों की टेप खोली तब तक वो जा चूका था! सोचा उसका पीछा करू बहार जाके देखू लेकिन पूरा नंगा था, इधर उधर देखा चड्डी भी कहीं छुपा के गया है! कितना शातिर है! कपडे भी अलमारी में रख दिए ताकि मैं चड्डी ढूँढ के कपडे पहन के बहार आऊंगा तब तक तो वो कही से कही पहोच जाएगा!

खैर मुझे यूँ भी पक्का पता ही है टीनू ही था! और उस से तो मैं खुद बड़ी आसानी से उगलवा लूँगा! मेरे आगे डर से मूत देता है वैसे भी! जाएगा कहाँ आखिर घर की ही बात है! शादी हो जाए फिर निपटूंगा उस से!  पहले तो रीना को क्या कहूँगा आज रात को! इसने और कमल ने मिल के मेरी सारी energy की वाट लगा दी! मेरी ही शादी के दिन मेरा ही लण्ड चूस लिया मेरे ही घर के किसी लौंडे ने! हालाँकि मैं जानता हु वो टीनू ही था फिर भी एक अजीब सी तड़प है मन में के साला था कौन? काश एक बार देख पता!

कमल 3 बजे गया और उसी वक्त ये आया! 3 घंटे में कितना कमाल हो गया है 2 बार!! 6 बज ही चुके थे, सारे के सारे कमीने भाई लोग वापस आते ही होंगे, नीचे बैंड बाजे की भी आवाज़े तेज हो गई है, 7 बजे तो मुझे तैयार होके हॉल में पहोचना था! उठ के जल्दी से चड्डी पहनी, तभी किसी ने गेट बजाया! मैं towel लपेट के खोलने गया तो टेबल पे एक कागज़ रखा था! देखा कमल के no. वाले कागज़ के पास दुसरे कागज़ में कोई कवीता लिखी है! सोचा बीच में जब वो दूर गया था तब जरूर उसने ये लिखी होगी! मेरे लिए ही है शायद! झट से मैंने उसे towel में छुपाया और गेट खोला!

योगेन्द्र और विनय थे! मैंने कहा – “मैं नहाने जा रहा हु तुम लोगो को जो भी तैय्यारी करनी हो कर लो, मैं तो थक चूका हु बहोत अभी से! साली नीन्द नहीं आई बिलकुल भी! कैसा massage वाला पकड़ के लाए तुम लोग भी ?” और आँखे चुराता हुआ और झट से बाथरूम में भगा! अन्दर जाके वो कागज़ निकला! लिखा था –

“आप के लिए ……अर्ज़ है


सैंयाजी!

वो देता है खींच के झटके, संईया जी के लण्ड के सदक़े!
भारी भारी लण्ड के नीचे, भारी भारी आंडे लटके !

लण्ड देखे हैं तरह तरह के, हट्टे काटते, लम्बे, बटके!
लाखों लण्ड चूसे हैं लेकिन, उनका वाला सबसे हटके!

दारु पी के जब भी चोदे, रह जाती है मेरी फट के!
गुस्सा मुझ पे आ जाए तो, भीड़ में चोदे रोड पे पटके!

चुद ले गांडू चुद ले कह के, देते जाते गांड पे चटके,
मुँह में इतना गहरा डाले, साँसे मेरी हलक में अटके!

मुझे चोद लेने को टपकता, लण्ड उनकी चड्डी में खटके!
दुनियां भर की चूत छोड़ के, गांड पे मेरी आये पलट के!

लण्ड का घी है रोज पिलाते, जांघ में लेके खींच के डट के!
चप चप, पट पट चोदते जाते, मसल मसल के लिपट लिपट के!

झांटे काट के जब भी नहाये, रह जाता है दिल बस कट के!
दाँत पीस कर लण्ड भींच लूँ, झांटे, टट्टे खींच लूँ जट्ट के!

याद है मुझको पहली चुदाई, गांड  पे पड़े थे गज़ब के सटके!
गांड भी उनकी खता हूँ मैं,नाक रगड़ के जीभ चिपट के!

बोतल में जिन्न चला भी जाए,ये लण्ड कोई कैसे गटके!
फिर भी भेनचोद जादूगर है, मुँह में भर जाता है सिमट के!

मूत के जितना माल निकाले, आंडे हैं या दही के मटके!
चड्डी की खुशबू लेता हूँ, रात भर जांघो में सिमट के!

मुँह के अंदर गुम हो जाए, गांड में घुस के पेट में भटके!
पागल हूँ मैं लण्ड लण्ड रट के, सैंय्या जी के लण्ड के सदक़े!

Damn it! ये ग़ज़ल पढ़ के तो मेरा लण्ड वापस खड़ा हो गया!  

बड़ी मुश्किल से लण्ड और कागज़ को छुपाते हुए बहार आया वापस कुछ देर शांत होने के बाद! बहार आया तो सब भाई लोग आ चुके थे! मुझे दूल्हा बनाने का सारा इन्तेजाम और जमावड़ा था! लेकिन ये क्या? सभी साले clean shaven! मैंने टीनू को घूर के देखा अलग निगाहों से! फिर सभी को देखा! अब कैसे पहचानू? – “तुम सभी को आज ही clean shave करना थी भेन्चोदो?”

मेरी tension और बढ़ गई अब! ज्यादा बेचैनी होने लगी इतनी मुश्किल से केस सुलझाया था! और पापा मुझे CBI में ही देखना चाहते हैं! खैर अभी मेरे पास एक सबूत है! ये ग़ज़ल जो वो अपने हाथो से लिख के गया है! ये ही उसके पकडे जाने का सबूत है! handwriting मिलाना तो बहोत easy है!

खैर! सभी कुछ हुआ, तयारी, band , बजा, बारात निकली, नाचे गाये, satge, वरमाला, फोटो session वगेरह, सब होते होते रात के 11.30 बज गए! सब मेहमान खाना खा के फोटो खिंचवा के जा चुके लगभग! पूरी chairs खाली होने लगी कोई 2-4 लोग बचे थे वर वधु को आशीर्वाद देने को! रीना के आस पास अभी भी उसकी बहने और सहेलियां खड़ी थी, और मेरे पास बस मेरा सीधा साधा गाय जैसा साला बैठा कुछ बाते कर रहा था!

लेकिन मेरा ध्यान उसपे नहीं था! मेरा ध्यान तो satge पर से मेरे पास से उतर के जा चुके और सामने बैठे मेरे सारे कमीने भाइयो और दोस्तों पे था, जो आपस में कुछ फुसफुसा के मुह दबा दबा के हंस रहे थे और एक फ़ोन एक दुसरे को paas कर रहे थे! मुझे याद आया अभी अभी टीनू आया था मेरे पास – “भैया आप का फ़ोन दो न आप की और भाभी की फोटो लेनी है!” मैंने दे दिया था! लेकिन उसने कहा – “ये खुलेगा कैसे?” तो मैंने पासवर्ड भी बता दिया था! और अब ये तो मेरा ही फ़ोन है जिसमे कुछ देख देख के ये सब हंस रहे हैं!

ऐसा क्या है! मैं उसी पल उठ के satge से नीचे गया उन सब के पास और डांटने लगा – “तुम सब को हो क्या गया है पगला गए हो क्या? इधर दे टीनू मेरा फ़ोन वापस!”

फ़ोन में देखा तो barcalounger पे टेप से हाथ पेरो से बंधे हुए नंगे पड़े हुए खड़े लंड के साथ मेरी ही Pic! दोपहर में एक बार चोद लेने के बाद जब वो कुछ देर दूर गया था और कुछ करने की आवाज़े आई थी उस टाइम ये फोटो ली होगी इसने!  मेरे होश उड़ गए! और ये सब दुगनी तेजी से हँसे! मैंने टीनू की गर्दन दबोची!

वो हंसी मुश्किल से रोकने की कोशिश करते हुए बोला – “आ…अ..आ…..मैंने क्या किया है?”

उन सब के बीच में से एक दबी हुई आवाज़ आई – “सामान तो बहोत बड़ा है वैसे!” और सब के ठहाके पूरे गार्डन को गुंजाने लगे! कोई मुह दबा के इधर उधर भागा और कोई पेट पकड़ के chair से नीचे गिरा, बाकी के भी शरीर हंस हंस के chair को डगमगाने लगे!

लेकिन एकदम से मुझे कुछ होश जैसा आया, माथे में कुछ ठनका! टीनू की गर्दन की पकड़ ढीली पड़ गई मेरे हाथ से और मैंने स्टेज की तरफ शक की नजरो से देखा! मन में अपने आप से कहा – “एक मिनट! टीनू को मैंने password अभी बताया है और ये pic तो उस टाइम ली हुई है! फिर टीनू तो हो ही नहीं सकता! मेरा password तो अभी तक सिर्फ एक ही इंसान जानता है! ये नहीं हो सकता! shit!! अंश???”

और satge की तरफ देखते ही वहां मेरी seat के पास बैठा मेरा साला अंश, रीना का twin भाई 18 साल का handsome चिकना गोरा, रीना के जैसा ही रूप रंग वाला, silky light brown लम्बे बाल, पढ़ाकू specs, और chinese चमड़ी! मुझसे आँखे मिला के धीमे धीमे चोर की तरह मुस्कुरा रहा था!   

मैं सब के सामने चूतिया बन के शर्म से blush कर के लजाते हुए इंसान की तरह बोला – “तुम ही लाये उस गांडू कमल को! उसी का किया कराया है ये सब!” और मन में सोचा कमल को फ़ोन कर के सच बोलने से मना कर दूंगा मेरे लण्ड का लालच दे के! फिर टूटे हुए पग भरते हुए, अपनी मुस्कराहट रोकते हुए वापस चल के stage पे गया!

एक तो कमल ने शरीर को तोड़ डाला, नीन्द की गोली की तरह जादुई मालिश से दिमाग को सुला दिया, फिर दोपहर में 2 round में दो महीने जितना excitement पूरे शरीर की energy मार गया, अब ये अंश का शातिर game मेरी बची खुची वाट लगा गया है! इन सब के मारे तो मुझमें अब चलने की भी ताकत न रही!

जबरदस्ती भारी भारी पग भरता हुआ वापस अपनी seat पे जा के गिरा! अंश की तरफ देखा तक नहीं, न ही उसने मेरी तरफ देखा! दोनों सामने लगी खाली chairs की तरफ मुस्कुराते हुए देखते रहे 2-4 मिनट तक! फिर मैंने एक लम्बी सांस भर के उसके हाथ में एक कागज़ दिया और कहा – “सबसे ज्यादा तो मुझे ये impress कर गई है! तू ग़ज़ल भी लिखता है? हम्म्म्म….!!!”

उसने thanks vanks कुछ नहीं कहा डायरेक्ट point पे आया – “आप को अब भी क्या सच में लगता है के रीना को कोई problem नहीं होगी?”

मैंने उसे पास में खींच के कान में कहा – “तेरी बहन भी तेरी ही तरह मेरे लण्ड की दीवानी है! तुम दोनों में से किसी को भी मैं एक दुसरे से तकलीफ होने ही नहीं दूंगा! दोनों को बराबर दूंगा!”

और हम दोनों हलकी फुलकी प्यार भरी हंसी से एक दुसरे की तरफ देखने लगे!

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