मेरी चचेरी बहन ne मेरे साथ sex ka खेल खेला – Antarvasnastory.org

सेक्सी चाची की चूत मारी मैंने! और यह सारा खेल चाची और उनकी बेटी ने मिलकर रचा था. एक दिन मैं उनके घर पर था कि चाची नहा कर निकली. क्या माल लग रही थीं!

चुदाई की इस बेहतरीन कहानी में आप सभी अंतर्वासना के पाठकों का हार्दिक स्वागत है।
यह कहानी सत्य घटना जिसमें मैंने सेक्सी चाची की चूत मारी, पर आधारित है पर गोपनीयता बनाये रखने के लिए नाम और पता बदला गया है।

दोस्तो, मेरा नाम समीर शेख है और मेरी उम्र 19 साल है।
मैं फिलहाल कॉलेज के आखरी साल में हूं।
मेरी हाइट नार्मल है और रंग हल्का सांवला पर आकर्षक है।

यह मेरी, मेरी चाची और उनकी बेटी यानि मेरी चचेरी बहन की चुदाई की कहानी है।

कहानी शुरू करने से पहले मैं आपको मेरी चाचीजान और उनकी बेटी के बारे में बता देता हूं।

मेरी चाची नसरीन जो मेरे घर से कुछ दूरी पर रहती हैं उनकी उम्र 40 साल की है पर उनका बदन अभी भी जवानी से भरा हुआ खूबसूरत बदन है।
मेरे चाचा का 1 साल पहले ही स्वर्गवास हो गया।

चाची की सिर्फ एक ही संतान है मेरी चचेरी बहन है जिसका नाम मुस्कान है।
मुस्कान उम्र में मुझसे कुछ माह बड़ी है और काफी ख़ूबसूरत हुस्न की मालकिन है।
उसने 12 पास करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी।

तो चलिए बिना देर किए अब कहानी की शुरुआत करते हैं।

मैं काफी समय से मेरी चाची के घर जाता था और वहां मेरी बहन के साथ वीडियो गेम्स खेला करता था।
इसी तरह एक दिन में दोपहर के समय उनके घर पहुँचा और डोरबेल बजाई पर किसी ने दरवाज़ा नहीं खोला।

तो मैं पीछे की तरफ से खिड़की से देखने गया कि कोई घर के अंदर है या नहीं?

और जैसे ही मैंने घर के अंदर देखा तो मैंने देखा कि मेरी चाची अभी अभी नहा कर बाहर आई थी.
और वो आईने के सामने खड़े होकर अपने बदन को निहार रही थी।

अभी अभी नहा कर आई चाची क्या माल लग रही थीं, बालों से झरती पानी की बूंदें … और वो पहले से ही हुस्न की मल्लिका थी.
चाची का ऐसा रूप देख कर मेरी भी वासना जाग उठी।

उस दिन से पहले कभी मैंने इस नज़र से उन्हें नहीं देखा था पर आज मेरा मन मान ही नहीं रहा था, मैं खिड़की से उन्हें देखता रहा।

कुछ देर चाची ने अपने बदन को निहारने के बाद उन्होंने कपड़े पहन लिए।

मैं ये मस्त नजारा देख ही रहा था कि अचानक पीछे से मेरी बहन मुस्कान आ गई और उसने मुझे यह सब देखते हुए पकड़ लिया.
वो धीरे से बोली- क्या देख रहा है अंदर?

मैं डर गया था कि अब क्या होगा शायद मुस्कान मेरी चाची नसरीन को सब बात बता देगी।

लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ वो कुछ नहीं बोली और ऐसा बर्ताव किया जैसे कुछ नहीं हुआ हो।

मैं भी समझ गया कि मुस्कान भी जानती है कि मैं अंदर क्या देख रहा था और मुझे क्या चाहिए?

उसी दिन शाम के समय चाची पड़ोस अपनी सहेली के पास गई थी, उस वक्त मैं और मुस्कान घर पर अकेले थे और सोफे पर बैठे यूट्यूब देख रहे थे।

मुस्कान ने मुझे कहा- समीर सुनो, मुझे पता है तुम मेरी अम्मी को नहाते हुए देख रहे थे।
मैं नज़र झुका कर बैठा रहा और कुछ जवाब नहीं दिया।

उसने फिर कहा- तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिए, यह गलत है।
मैंने कहा- मुस्कान, मैंने आज तक कभी लड़की को बिना कपड़े नहीं देखा इसलिए मैं थोड़ा आउट ऑफ कंट्रोल हो गया था।

मुस्कान बोली- तू 19 का हो गया तूने लड़की को बिना कपड़े नहीं देखा। मुझे तो लगा था तूने चुदाई भी कर ली होगी।

उसके मुंह से चुदाई जैसे शब्द सुनकर मैं चौंक गया क्योंकि कभी इस तरह की बात हुई नहीं थी मेरे और मुस्कान के बीच!
मैंने कुछ देर बाद जवाब दिया- नहीं यार!

फिर मैंने पूछा- तूने?
मुस्कान ने हंसते हुए कहा- हाँ … लेकिन सिर्फ दो बार अभी तक।
मैं थोड़ी देर शांत रहा और कहा- ओह्ह अच्छा!

वो अब मेरे करीब आकर बैठ गई, मैं फिर थोड़ा सा चौंक गया था।

मुस्कान ने मेरे करीब आ कर कहा- क्या तुम्हारे फ़ोन में वैसे वाले वीडियो है?
मैंने कहा- नहीं … पर ऑनलाइन मिल जाते हैं।

मुस्कान ने कहा- चलो मेरे कमरे में … हम वहाँ जाकर देखेंगे।

मैं और मुस्कान उसके कमरे में जाकर पोर्न देखने लगे.

ठीक उसी समय चाची अपनी सहेली से मिलकर मुस्कान के कमरे में आ गई और उन्होंने हम दोनों को पोर्न वीडियो देखते हुए पकड़ लिया।

मैं तो डर ही गया था कि अब क्या होगा!
चाची मेरे मम्मी पापा को न बता दे।

चाची थोड़ा गुस्से से बोली- क्या कर रहे हो तुम दोनों साथ में? और ऐसे गंदे वीडियो देख रहे हो साथ में? अगर इतनी ही जवानी चढ़ी हुई है तो अकेले में देखो ये सब! कम से कम भाई बहन का तो रिश्ता तो समझो।
मैं अभी तक चुप था।

मुस्कान बोली- अम्मी, ये समीर जिद कर रहा था कि उसने कभी लड़की को बिना कपड़े भी नहीं देखा और कुछ किया भी नहीं है … तो मैं उसे अपना बदन देखने दूं. मैंने मना भी किया और बोला कि नहीं ये गलत है लेकिन फिर भी ये नहीं माना। फिर मैंने ये भी कहा कि अगर लड़की को नंगा ही देखना है तो पोर्न देख ले। मैं क्या करती माँ … ये मेरा भाई है पर इसका मन था।

मैं मुस्कान के मुंह से यह सब सुन कर पागल हो रहा था और गुस्सा भी आ रहा था क्योंकि मुस्कान बिल्कुल झूठ बोलकर मुझे फंसा रही थी।

इतने में चाची मेरे करीब आई और मुस्कान को कहा- अगर इतना ही मासूम है ये तो कर देती इसकी मदद! चल उठ और कपड़े निकाल अपने!

यह सब देख कर मैं आश्चर्यचकित हो गया, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था।

मैं सिर्फ पलंग पर बैठे-बैठे मां बेटी की बातें सुन रहा था और सोच रहा था कि आखिर ये चल क्या रहा है।

मुस्कान उठी और मेरे सामने आकर खड़ी हो गई.
चाची मेरे बाजू में आकर बैठ गई।

मुस्कान अब मेरे सामने खड़ी हुई थी.
जिसको मैंने कभी गलत नज़र से नहीं देखा था, आज वो मुझे काफी सेक्सी ओर कमसीन लग रही थी।

उसने अपना सफेद रंग का टॉप निकल दिया।
मैं तो देखता ही रह गया उसके बड़े बड़े और गोरे चूचे उसकी ब्रा से बाहर आने को बेताब थे।

यह सब मैं बड़े गौर से ये देख रहा था.

उसके बाद मुस्कान ने अपनी जीन्स भी उतार दी.
अब वो मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी।

मेरा 7 इंच लम्बा लन्ड अब बिल्कुल सख़्त हो चुका था जैसे अभी पैंट फाड़ कर बाहर आ जायेगा।

मेरी चाची ने मेरे लन्ड को खड़ा देखा और हल्का सा मुस्कुराते हुए मुस्कान को कहा- पूरी नंगी हो जा बेटी!
मुस्कान ने अब अपनी ब्रा ओर पैंटी भी निकल दी.

वो काफी हसीन ओर सेक्सी लग रही थी.
गोरा भरावदार बदन, बड़े बड़े स्तन और उसपे हल्की ग़ुलाबी रंग की निप्पल, मोटी मोटी जाँघें और शेव की हुई चूत!

ये सब मैं अपनी आँखों से देख रहा था.
मेरा लण्ड अब कंट्रोल से बाहर था.

तभी पास में बैठी मेरी चाची ने भी अपने कपड़े उतार दिए।

अब मेरे सामने एक हसीन औरत बिल्कुल नंगी खड़ी थी और एक जवान सेक्सी लड़की भी बिल्कुल नंगी खड़ी थी।

अब मैं भी समझ चुका था की ये इन दोनों मां बेटी की चाल है.
मैं खुश भी था कि आज एक साथ दो चूत मिलेगी।

मैंने बिना देर किए मेरी पैंट की ज़िप को खोला और लन्ड बाहर निकल कर हाथों से मसलने लगा.

इतने में चाची मेरे क़रीब आई और मेरे लन्ड को पकड़ कर सहलाने लगी.

चाची के स्पर्श से मुझे बहुत बढ़िया लग रहा था, मैं तो मानो जैसे अपने होश खो बैठा था।

तभी मुस्कान भी आई और मेरे होंठों को चूमने लगी.
मैंने भी उसका साथ दिया और उसके होंठों को चूमने लगा।

अब मैं फुल मूड में मुस्कान के पूरे चेहरे को चूम रहा था और अपने हाथों से उसको बड़े बड़े बूब्स को दबा रहा था.

दूसरी ओर मेरी चाची मेरे लन्ड को सहलाते हुए मेरे शरीर को चूम रही थी।

मैंने मुस्कान को थोड़ा सा दूर करके मेरी चाची को बांहों में उठाया और उनके बदन चूमने लगा।

कुछ देर चूमने के बाद मैंने उनके बड़े बड़े बूब्स को चूसना और चूमना शुरू किया.
इस दौरान मुस्कान मेरी चाची अपनी अम्मी की चूत में उंगली कर रही थी।

एक तरफ से मुस्कान की उंगली चाची की चूत में और एक तरफ से मेरे होंठ उनके बूब्स चूस रहे थे तो चाची कामुकता भरी आवाज़ें निकल रही थी- आह … आह … ओह … और तेज करो और तेज़। आह जान निकल गई… मेरे बच्चो आह उन्ह … ऊंह … चूस चूस और चूस … मिटा दे मेरी प्यास … आह!

कुछ देर चाची को मजा देने के बाद मैंने मुस्कान को कहा- उठ और अब मेरा लन्ड चूस!
मुस्कान ने मेरे लन्ड को पहले सहलाया और लण्ड के टोपे को आगे पीछे करते हुए पर अपने होंठों को रखा.

उसके होठों के अहसास से मेरे बदन में बिजलियाँ सी दौड़ने लगी, मानो मैं किसी जन्नत में पहुंच चुका था।
यह अहसास बहुत ही खास और सबसे अलग था.

अब मेरी चाची भी मेरे लन्ड के पास गई और चूमने व चूसने लगी.
दोनों माँ और बेटी मेरे लन्ड का भरपूर आनंद लेते हुए चूस रही थी.

कुछ देर की इस लन्ड चुसाई के बाद मैंने मेरा सारा माल उन दोनों के मुंह पर छोड़ दिया, दोनों एक दूसरी के चेहरे पर लगा मेरा वीर्य चाटने लगी.

अब मुस्कान मेरे बाजू में आकर लेट गई और मैं उसे चूमने लगा.
मेरी चाची अपनी बेटी की चूत चाटने लगी व एक हाथ से मेरा सोया हुआ लन्ड फिर से खड़ा करने के लिए सहलाने लगी।

अपनी मां को चूत चटवाते हुए ही मुस्कान भी झड़ गई.

मेरा लन्ड फिर से अपने विकराल रूप में आ गया था.
अब मैंने चाची से कहा- अब ऊपर से नहीं, मुझे नीचे से भी चोदना है।

तो चाची अपनी टांगें फैला कर लेट गई और बोली- आ जा मेरे राजा … मैं तो तैयार हूं.
मुस्कान झड़ कर साइड में लेटी हुई थी।

मैं मेरी चाची की टांगों के बीच गया और अपना मोटा लन्ड उनकी काले बालों से भरी चूत पे सेट कर दिया.
एक जोर से धक्का लगाने पर मेरा आधा लन्ड चाची की चूत में चला गया.

चाची की चूत उतनी टाइट तो नहीं थी लेकिन हल्का सा दर्द होने पर वे आह … आह..बोल कर अपने होंठ को दांतों से दबाने लगी.

मैंने 2 धक्के और लगाए फिर अपना 7 इंच का पूरा लन्ड चाची की चूत में डाल दिया.

अब मैं धीरे धीरे से मजे लेते हुए शॉट लगाने लगा.

चाची को भी काफी मजा आ रहा था, हम दोनों साथ मे कामुकता भरी अवाजे निकाल रहे थे, पूरा कमरा आह … ओह्ह … उई … उम्म … आह से गूंज रहा था।

मैंने अब अपनी रफ्तार बढ़ाना शुरू किया.
अब चाची जोर जोर से आवाज़ें निकाल रही थी.

मैंने मुस्कान को इशारा किया तो वो आई और चाची के होंठों को चूमते हुए आवाज़ कम करने की कोशिश की.

यह चुदाई लंबी चली. मैंने काफी देर सेक्सी चाची की चूत मारी.

कुछ देर बाद में चाची के अंदर ही झड़ गया इस दौरान चाची दो बार झड़ चुकी थी।

उसी दिन कुछ घण्टे बाद मैंने मुस्कान को भी काफी देर तक चोदा.
उसकी चूत ज्यादा टाइट और गर्म थी.

उस दिन के बाद से मैंने उन दोनों मां बेटी के साथ काफी बार सेक्स किया और काफी ज्यादा मजे लिए।

उम्मीद है दोस्तो … यह कहानी आप सबको काफी पसंद आई होगी।
shaikhsameerav@gmail.com

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