धोखे से चाची की चुदाई भाग-1

हेलो दोस्तों मेरा नाम राकेश है और मेरी उम्र 23 साल हैं! मैं दिखने में अच्छा हूँ कद मेरा 5,6 हैं और लंड मेरा 6.5 इंच हैं!

आज मैं आपको अपनी चाची की चुदाई की कहानी सुनाने जा रहा हूँ! पहले मैं आपको अपनी चाची के बारे में बताता हूँ!

मेरी चाची दिखने में एकदम माल हैं खूब गोरी, बूब्स बड़े और तने हुए हैं! मुलायम कमर और उबरी हुई गांड हैं! कद 5.6 मतलब मेरे जितनी हैं और उम्र अभी सिर्फ 30 साल की हैं!

इससे पहले मेरी चाची पे गंदी नजर नहीं थी ये सिलसिला शुरू हुआ तब जब मैंने चाची को मेरे बड़े भाई का लंड चूसते हुए देखा था!

ये बात एक एक महीने पहले की थी जब मैंने ये सब देखा पर अभी एक हफ्ते पहले ही भाई की जॉब लगी बैंगलोर में और वोंही चला गया!

भाई को फरक नहीं पड़ता था चाची से क्युकी भाई के पास बहुत लड़कियाँ हैं जिनके साथ वो सेक्स करता रहता हैं!

अब मेरी प्लानिंग थी की भाई गया तो मैं लाइन मरता हूँ चाची भी हवस की भूखी होगी ही! मैंने नोटिस किया वो कहि बार भाई को कॉल करती पर भाई बहुत कम फ़ोन उठाता था!

तो मैंने उन्हें पटाने के लिए भाई का स्टाइल कॉपी करना शुरू किया! उसकी तरफ बाल, चाल कपड़े सब करना शुरू किया!

उन्होंने जब मुझे भाई के कपड़ो में देखा तो गूरे जा रही थी! मैं समज गया मन तो उनका कर रहा हैं पर झिझकती बहुत थी!

कपड़ो से भी काम नहीं चला चाची अभी भी मुझसे करीबी नहीं बढ़ा रही थी! तो मैंने भाई वाला परफ्यूम भी लेलिया और वोंही लगाया !

उसी दिन मैंने चाची से कहा भाई आया है अंदर कमरे में सो रहा हैं! चाची के साथ मैंने मजाक किया था वो भाई को देखने कमरे में गयी पर मैंने उन्हें कहा अभी उसने मना किया हैं मिलने से!

तो वो थोड़ी देर इंतजार करती रही और मैं भाई के कमरे ( Antarvasna )में उसका परफूम लगाकर सो गया!

कुछ देर बाद लाइट चली गयी अचानक और चाची पुरे घर में मुझे ढूंढने लगी! जब उन्हें लगा कोई घर पर नहीं हैं तो वो खुश होकर भाई के रूम में आ गयी!

वंहा मैं लेटा हुआ था जानकर और चाची मुझे भाई समज कर अंदर आ गई! अँधेरा था और चाची ने भाई के परफ्यूम की खुशबू सूंगी और मुझे गले से लगा लिया!

चाची = कंहा थे इतने दिन जानू और मेरी गर्दन चूमने लगी!

मैंने कुछ नहीं कहा और उन्होंने मेरे होंठ चूमना शुरू कर दिया और मैंने भी उनके होंठ चूमना शुरू कर दिया !

वो मेरी जीभ चूसने लगी और एक हाथ सीधा मेरे लंड को सहलाने लगी ! वो बहुत उतावली हो रखी थी वो जल्दी जल्दी चुदाई चाहती थी किसी के आने से पहले!

चाची ने सीधा मेरा पजामा उतारा और लंड को पकड़ा और सीधा चूसने लगी! वो बार बार गेट की तरफ देख रही थी और चुस्सा मार रही थी!

उसके बाद मैंने उनके बूब्स दबाना शुरू कर दिया और उनका सूट उतार दिया! उन्होंने ब्रा पीछे से हुक खोला और ढीली करदी और मैंने ब्रा उतार दी!

अँधेरे में मैंने उनके बूब्स दबाये और फिर वो ऊपर की तरफ आयी मैंने उनके बूब्स चूसे! वो सिसकारियां भरने लगी आह्हः ससससस करते रो जानू करते रहो मजा आ रहा हैं!

फिर मैंने उनका नाड़ा खोला और पजामा उतार दिया! उन्होंने पैंटी नहीं पहनी थी तो मैंने उन्हें बेड पर लिटाया और उनकी चूत चाटने लगा!

वो बोलती रही जल्दी करो राकेश आ जायेगा जल्दी करो और उन्हें क्या पता राकेश उनकी चुदाई कर रहा था!

मैंने उनके चूत को अच्छे से चाटकर गिला कर दिया था और फिर लंड अंदर डाल दिया!

मस्त चुदाई होने लगी पच पच्छ की आवाजे और चाची की आवाजे आह अहह उफ्फ्फ्फ़ बहुत याद आयी आपकी चोदो मुझे चोदो!

मैं भी पुरे जोश में चुदाई कर रहा था और उनके होंठ चूस रहा था! मेरे दोनों हाथ उनके बूब्स के निप्पल को रगड़ रहे थे जिससे उन्हें और मजा आ रहा था!

कुछ देर बाद मेरा माल निकल गया और मैंने सारा चूत में निकाल दिया! फिर वो मेरे ऊपर नंगी लेट गयी और मेरे गाल चूमने लगी!

मेरा लंड अभी भी उनकी चूत में था और तभी अचानक लाइट आ गयी! चाची ने मुझे देख लिया की वंहा भाई नहीं मैं हूँ आगे की कहानी धोखे से चाची की चुदाई भाग-2 में पढ़े!

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