मुँह बोली बहन को चोदा – 1

अगर आपको रोज चुदाई का अवसर मिले तो आप क्या करेंगे ? मैंने तो कोई भी दिन नहीं छोड़ा।

दोस्तों मैं फरीदाबाद का रहने वाला हूं और मेरा नाम है साहिल।

मेरी उम्र अभी 24 साल है और दिखने में मैं गोरा चिट्टा हूं।

दोस्तों मेरे गांव की एक फैमिली  उनकी एक बेटी हमारे घर रहने आने वाली थी।

इसको कॉलेज करना था और कॉलेज के पास सबसे पास मेरा ही घर था जो उसे जानते थे। भाई बहन की चुदाई

मैंने सोचा अब यह क्या नहीं मुसीबत आ गई है क्योंकि लोग मुझे उसे बहन बोलने पर मजबूर करते थे जैसे  मेरे सगे रिश्तेदार हो।

हालांकि मेरे मम्मी पापा उसके अलावा को भाई बहन ही बोलते थे पर वह सगे नहीं थे वह बोले ही थे।

वह लोग हमारे घर आए पहले उसकी मम्मी के पैर छुए मैंने फिर उसके पापा के और फिर एक परी आई उसे देखकर मैं हैरान हो गया।

उसने मुझे हेलो कहां और काम मेरा नाम तनीषा है और मैंने भी अपना नाम बताया साहिल।

वही मेरी बहन थी और मुझे इस बात का बहुत दुख है मैं उसे देख कर हैरान हो गया इतनी खूबसूरत लड़की वह मेरे घर रहने आ रही है।

मैं तो मन ही मन बहुत खुश हो रहा था अरे पापा मम्मी सब अंदर बैठ गए और बातें करने लगे।

आज के दिन वो हमारे घर ही रुकने वाले थे नहीं नहीं लड़की की बात नहीं कर रहा।

वह तो बहुत टाइम तक रुकने वाली थी मैं बात कर रहा हूं  घर वालों जोकी आज  हमारे घर ही रुकने वाले थे।

तो सब कुछ ठीक-ठाक रहा और वह अगली सुबह चले गए और जाते जाते मुझे टेंशन दे गए।

उन्होंने सबके सामने कहा बेटा अपनी बहन का ध्यान रखना। मैंने बजाय कुछ बोलने के सर हिलाना बेहतर समझा।

एक हफ्ता तो मेरे भी थोड़ी कम कम बातें हुई फिर मैंने सोचा कि यार वह मेरे घर रहने आई है तो खुलकर बात करता हूं।

तो मैं उसे कमरे में गया जो पहले मेरा कमरा हुआ करता था।

मेरे घर वालों ने वह कमरा उसे दे दिया और अब मैं दूसरे छोटे से कमरे में रहता हूं।

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उसने मुझसे कहा एक क्वेश्चन पूछूं बुरा मत मानना मैंने कहा पूछो उसने कहां तुम्हें पसंद नहीं ना कोई मुझे तुम्हारी बहन बोले।

मैंने कहा ऐसा नहीं है कि तुम मुझे लगा शायद वह बुरा मान रही है।

उसने कहा पक्का मैंने कहा हां ऐसी कोई बात नहीं है।

उसने कहा कि ठीक है मैं तुम्हें भैया बुला सकती हूं ना।

मुझे लगा शायद इमोशनल हो रही है क्योंकि उसका कोई भाई नहीं था तो मैंने कहा तुम बुला सकती हो।

पर यह बात बोलते हुए मुझे बहुत दुख हुआ क्योंकि मैं उसका भाई नहीं बनना चाहता था और ना मैं था।

घर वाले भी कितने अजीब होते हैं दूर के रिश्ते जोड़ लेते हैं।

साला अगर हर किसी को अपनी बहन बोलते रहे तो शादी कैसे करेंगे।

अब घर मेरा है घर की बहुत सी चीजें मुझे पता होगी जो उसे नहीं पता थी।

जैसे जिस रूम में मैं रहती है वह मेरे रूम से जुड़ा हुआ है।

उसके ऊपर एक खिड़की है जहां से मैं आराम से झांक कर उसे देख सकता हूं।

छोटे रूम की दूसरी साइड बाथरूम अटैच है वहां से भी मैं अंदर देख सकता हूं और उसे पता भी नहीं चलेगा।

पर अब तक बने ऐसा किया नहीं था तब तक उसके कॉलेज स्टार्ट नहीं हो गए।

क्योंकि जब से कुत्ते कॉलेज स्टार्ट हुए तब से वह स्मार्ट बनकर बहुत ही ज्यादा अच्छे कपड़े पहन कर टाइट जींस पहनकर जिसमें उसकी गांड बहुत ज्यादा उभरी हुई होती थी।

जब से उसने ऐसा करना स्टार्ट शुरू किया तब से मुझे उससे थोड़ा अट्रैक्शन स्टार्ट हुआ।

अब हुआ यह कि मेरा मन मचलने लगा और मैं उसे बिना कपड़ों के देखने के लिए उतावला हो गया था।

वह दोपहर में घर वापस आए और अपने कपड़े बदलने के लिए कमरे में चली गई।

वहां लगी ऊपर जाली मैंने हल्की खोल दी।

मैंने वहां से कमरे में देखा तो वह अपनी टीशर्ट उतार रही थी और अपनी जींस भी उतार दी।

उसके बाद वह काली ब्रा और पेंटी में थी जिसे देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया।

उसने अपनी ब्रा उतारी और बेड पर लेट गई आंखें बंद कर के।

उसके बूब्स बहुत कोरे और पढ़े थे और यह सब देख कर मेरा लंड चड्डी से बाहर आने को हो रहा था।

बहुत खूबसूरत थी शायद ब्रा पहन कर थक गई थी इसलिए अपनी ब्रा उतार दी और आराम करने के लिए बेड पर लेट गई।

मैं उसकी पेंटी निकलने का इंतजार कर रहा था पर उसने ऐसा नहीं किया।

मैं कुछ देर बाद उठी और दूसरी ब्रा पहनी और ऊपर से टॉप और नीचे पजामा डाल दिया।

यह सीन देखकर तो मेरा मन उसे वही बिस्तर पर चोदने का कर रहा था।

अब मैं कल सुबह का इंतजार कर रहा था जब मैं उसे बिना पैंटी के देख सकूं।

मैं उसकी चूत देखना चाहता था और उसकी गांड  बहुत बड़ी थी।

मैं देखना चाहता था कि वह अपनी चूत पर बाल रखती है या नहीं।

यह सब चीजें जानने की मुझे बहुत उत्सुकता थी तो मैं रात भर सो नहीं पाया कि मैं सुबह का इंतजार कर रहा था कि जैसे ही सुबह हो और मैं उसे नहाते हुए देखूं।

अगली सुबह मेरी आंख खुली और देखा कि बाथरूम में पानी की आवाज आ रही है मैंने ऊपर की खिड़की झांक कर देखा।

मैंने देखा कि तनीषा वहां खड़ी है पानी उसने बाल्टी भरने के लिए खोला है।

मैं वहीं खड़ा रहा था कि उसे देख सकूं उसने अपने कपड़े उतारे और ब्रा और पैंटी भी उतार दी।

ध्यान से देखा तो उसकी चूत पर बाल थे। और उसकी गांड सच में बहुत बड़ी थी और गोरी भी।

मेरा मन कर रहा था कि अभी बाथरूम में जाओ और उसे पटक कर चोद दो पर मैंने खुद पर काबू पाया।

ऐसे ही बहुत दिन निकल गए हमें बहुत दिन तक उसे देखता रहा।

कहीं बार मैंने उसे देखकर मुठ भी मारी है और उसने मुझे बहुत आराम मिला।

एक दिन मैं उसे देख रहा था और बताना मुझे जोर की चींख आ गई।

उसने तुरंत ऊपर देखा मैं चिप गया मेरी दड़कने बढ़ने लगी कि अब क्या होगा?


वो सबको बता देगी अब मेरे घरवाले ओर उसके घरवाले अब क्या करूँ? आगला भाग पढ़े

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