लेस्बियन सेक्स कथा भाग-2

भाग-1 पढ़े शल्लू सच्ची कितनी लम्बी ज़बान ही तुम्हारी मैं क्या करूं मेरे दूध आई माँ अहह धीरे न इतनी ज़ोर से मत नोचो मेरे दूध आह आह ओह शालू प्लीज नहीं न लेस्बियन सेक्स!

हैं बस ऐसे ही चूसे जाओ बोहोत मज़ा आ रहा है! निक्की मेरी जान सच्ची कहाँ छुपा रखे थे यह प्यारे-२ दुद्दू तो मैं श्रम से लाल हो गयी उसकी बात सुनकर और उसकी एक चूची ज़ोर से दबाई तो हु चिल्ला कर हंस पारी ोोोोी माँ निक्की!

तो मैं ने उसके होंठ चूम लिए शालू हूँ तुम ने बताय नहीं आश्विन और क्या कर रहा था तो हु शर्मा कर मुस्कुराई निक्की हु तो , हाँ बोलो न शालू प्लीज तो सहसालु ने मेरा हाट अपने शलवार के नदी पर रखा और धीरे से बोली हु तो यह खोलने के मोड़ मैं थे फिर शालू मैं ने रोक दिया उसे!

क्यों शालू क्यों रोक दिया बच्चारा आश्विन तो मेरे गाल पर ज़ोर से काट कर हंस दी बड़ी आयी आश्विन वाली! मैं भी ज़ोर से चिल्ला कर हंस दी आए शालू बताओ न क्यों रोक दिया तो हु मुस्कुराई मैं ने कह दिया यह सब अभी नहीं शादी के बाद!

और हु फिर मेरे दूध चूसने लगी जोए ज़ोर से तो मैं पागल हो उठी ाः शालू आराम से मेरी जान और मैं ने उसकी शलवार खोल दी तो हु चौंक गई और मेरा हाथ पाकर कर बोली यह यह निक्की क्या कर रही हो तो मैं ने उसके गीले रास भरे होंठ चुम लिए मेरी शालू जान शादी तो आश्विन से होगी मुझे तो दिकः दो तो हु मुझ से लिप्ट कर मेरे पुरे चेहरे पर प्यार करने लगी है!

मेरी निक्की कब से सोच रही थी मैं मेरी जान और एकदम से उसने मेरी शलवार भी खोल दी और उसक हाथ मेरी चकनी जांघों पर था मैं मज़े मैं चिल्ला पारी ोोोोी शाआलू नाआहि और हु मेरे होंठ चोस रही थे और मेरी जांघें सेहला रही थी और मैं मचल रह थी नहीं शल्लू प्लीज मत करो आइए ोोोूफ नाआहि न ओह मैं क्या करों और उसने एकदम से मेरी जलती हुई चोर ार हाथ रखा तो मैं उछाल पारी है रे आह यह यह काया कर दिया शालू मुझे कुछ होश न था उसका एक हाथ अब मेरी छूट सेहला रहा था जो बुरी तरह गरम हो रही थी दूसरे हाट से हु मेरा दूध दबा रही थी और उसकी लम्बी गरम ज़बान मेरे मुंह मैं हलचल मचा रही थी!

मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मेरी चुत झरने वाली है! मैं ने उसे लिप्त कर उसके चुतरों पर हैट फेरा तो हु मचल उठी और मैं भी मस्त हो गयी उसकी शलवार भी उतर चुकी थी अब हम दोनों बिलकुल नंगे थे और बीएड पर मचल रहे थे!

आह निक्की सच्ची बहुत गरम चुत है उफ़ कितनी चिकनी है छोटी सी चुत सच्ची बोहोत तरसी हूँ इस पायरी चुत के लिए मैं दे दो न प्लीज निक्की!

यह हसीं छोटी सी चुत है शल्लू मैं ऐन निकल रही हूँ प्लीज आह मैं क्या करून मेरा पूरा जिस्म जल उठा और मैं ने शल्लू के नरम गरम चुतर दबाए और एकदम से उसकी चुत पर हाथ रखा!

तो वह तरप उठी ोोोोी नीयीकी और मैं तो जैसे निहाल हो गई उसकी चुत बिलकुल रेशम की तरह मुलायम और चिकनी थी खूब पहली हुई मैं एकदम से उठी और उसकी चुत पर नज़र पारी तो देखती रह गई!

बिलकुल चिकनी छूट जिस पर एक बल भी नहीं था और शालू की चुत लाल हो रही थी क्या देख रही हो निक्की ऐसे तो मैं अपने होंटो न पर जबाब फेर कर सिसकी शालू और एक डैम से मैं ने उसकी चुत पर प्यार किया तो हु उछाल कर बैठ गई हम दोनों एक दूसरे की चुत सेहला रहे थे!

शालू हूँ आश्विन को नाहिदी यह प्यारी सी चीज़ तो हु श्रम कर मुस्कुराई ूँ हुँह. क्यों? तो हु शरारत से मुस्कुरा कर बोली तुम्हारे लिए जो बचा कर राखी है! तो मैं हंस दी हैट बादतमीज.! सच्ची निक्की वह मेरी चुत धीरे-२ दबा कर सिसकी हमेशा सोचती थी के तुम्हारी यह कैसी होगी!

तो मैं अहर्मा कर मुस्कुराई मेरे बारे मैं क्यों सोचती थीं तुम! पता नहीं बस तुम मुझ बोहोत अच्छी लगती हो दिल चाहता है खून प्यार करून! तो मैं मुस्कुरा कर उसके होंठ चूम लिए तो फिर आज से पहले क्यों नहीं किया यह सब! तो मेरे दूधों पर चेहरा रख कर बोली दर लगता था के तुमको खो न दूँ कहीं!

मैं ने उसे लिप्त काट उसके होंठ चूस लिए और आहिस्ता से उसे लिटा दिया और झुक कर छूट के उभर पर प्यार किया तो तो मचल उठी!

ाःह आआह निक्की मुझे दे दो न अपनी हसीं सी चुत मेरी जान मेरे प्यार और मैं ने घूम कर अपनी चुत उसकी तरफ की तो मेरे नरम चुतर पाकर कर नीचे किये और चुत पर होंठ रखे !

तो मैं कैंप गई आह ाः ाः ोोोोोी शाआलू और जैसे ही उसकी ज़बान मेरी चुत पर आये मैं नशे मैं उसके चुत पर गिर पारी और उसकी चुत पर प्यार करने लगी और चूसने लगी!

हम दोनों की चीखें निकल पारी दोनों के चुतर उछाल रहे थे शालू मेरे चूतर दबा रही थी और अचानक उसकी ज़बान मेरी चुत के छेड़ मैं घुस पारी तो ऐसा लगा जैसे गरम पिघलता हुआ लोहा मेरी चुत मैं घुस गया हो!

मैं चिल्ला पारी उसकी चुत से झूम कर आईई मा मर जाआओंगी नाहाही शालू अरररररररे आह ोूम ऊम्फ ऊऊओह्ह ओह ओह ह्ह्ह्है ह्ह्ह्हिआ आऐ मई निकल रही होओओओओओओ शालू मेरे चूतर उछलने लगे और शालू के छोटेर भी मचले और हु भी मेरी चुत मई चिल्लाने लगी!

निक्की चूसो ा आआइउ ैय्यो माँ अररररररे रईईईई आआआआह ोोोूमफ आआह्ह हहाआआआ आआअह्ह्ह्ह हहआआआ और मुझे ऐसा लगा जैसे चुत से झरना बह निकला हो रोकते -२ मेरे गले से नीचे उतर गया यही हाल शालू क था हम डॉन के चेहरे लाल हो रहे थे सांसें तेज़ तेज़ चल रही थीं और हम दोनों एक दूसरे से लिपट कर पता नहीं कब सो गए !

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