लेस्बियन सेक्स कथा भाग-1

आज मैं आपको अपनी एक सहेली की कहानी सुनाने जा रही हूँ! यह कहानी कल्पित है इस कहानी लेस्बियन सेक्स की शुरुआत हम दो दोस्तों से हुई है और आगे जाकर इसमें कई मोड़ आते हैं जिसे आप लोग पसंद कररंगे!

मैं क्योंकि एक लड़की हूँ इस लिए यह चाहूंगी की लड़कियां अपनी रिएक्शन ज़रूर लिखें क्योंकि शायद लड़कियां एक दूसरे को अच्छे से समझ पति हैं!

मेरी एक बोहोत ही प्यारी सैहली हैं शालिनी उसकी और मेरी बराबर कई चीजे हैं जैसे 24 उम्र, हाइट 5 ,7 फिगर 37 A -27 -37 गुलाबी रंग बड़ी-२ आँखें गुलाबी होंठ! खूब फैले हुए बूब्स भरे-२ चुतर और उनसे नीचे उतरती सुडोल जाँघे!

बोहोत ही प्यारी और सेक्सी लड़की है वह हम दोनों कॉलेज से एक साथ हैं और की बात एक दूसरे से छुपी हुई नहीं है और हो भी कैसे सकती है! क्योंकि कॉलेज के ज़माने मैं ही हम दोनों के बीच एक रिश्ता और बन गया!

एक रोज़ मैं उसके साथ उसके घर गई तो घर मैं कोई नहीं था! हम दोनों मज़े से बातें कर रहे थे और मैं उसे सत्ता रही थी के संडे को तुम आश्विन से मिली थी तुम दोनों ने क्या किआ था बताओ न मुझे और वो शर्मा रहो थी!

आश्विन उसका कजिन था और दोनों एक दूसरे से बोहोत प्यार करते थे! दोनों अक्सर घूमने और फिल्मे देखने जाते थे! मेरे इंसिस्ट करने पर उसने बड़े शर्मा के बताया के उस दिन अशविन ने उसे किश किया था! मैं ने उसे लिप्ट कर उसका गुलाबी गाल चूम लिया है और शर्मा कर हंस दी!

है शालू बता न और क्या किया था तुम दोनों ने बस न सिर्फ किश किया था उसने वह शर्मा कर मुस्कराई! आए शालू बता न प्लीज कैसे किया था हैट बद्तमीज़ प्यार से मुझे धक्का दे कर हंस दी!

मैं उसकी भरी-२ जाँघे पर सर रख कर लेत गई उसके गोल गोल दूध मेरे चेहरे के ऊपर थे! मैं ने धीरे से उसके राइट दूध पर पर ऊँगली फेरी क्यों शालू यह नहीं दबाये आश्विन ने?

तो उसके चेहरा शर्म से लाल हो गया और धीरे से बोली हाँ तो मैं ने उसका खूबसूरत गुलाबी चेहरा अपने दोनों हाटों मैं लेकर गाल चूम लिए! कैसा लगा था शालू है निक्की क्या बताओं मेरी तो जैसे जान निकल गई थी जब उनकी गरम-२ ज़बान मेरे मुंह मैं ए मैं मदहोश हो गई!

उन्होंने मुझे अपनी बाँहों मैं ले लिया और एक दम से अपना हाथ यहाँ रख दिया निक्की का हाथ अपने राइट दूध पर रख कर सिसकी.

मैं तरप उठी और बोहोत मना किया पर वो नहीं माने और दबाते रहे! फिर शालू; निक्की बड़ी मुश्किल से उन्हों ने मुझे छोरा! शालू के बाते सुनकर मेरी हालत अजीब होने लगी ऐसा लग रहा था जैसे पुरे जिस्म मैं चीटियां दौड़ रही हों!

मेरा यह हाल देख कर शालू मुस्कुराई और मेरे गाल सेहला कर बोली तुमको क्या हो गया निक्की? तो मैं ने शर्मा कर उसकी जांघों मैं मुंह चुप्पा लिया!

मेरी पीठ सेहला रही थी और मेरी हालत खराब हो रही थी क्योंकि मेरा चेहरा बिलकुल उसकी चूत के ऊपर था जो खूब गरम हो रही थे और महक रही थी! मैं ने धीरे से उसकी चूट पर प्यार कर लिया तो वो सिसक उठी !

आह यह यह निक्की उफ़ नहीं न प्लीज मत करो और मेरे चेहरा उठाया! हम दोनों के चेहरे लाल हो रहे थे शालू के गुलाबी होंठ कांप रहे थे मेरे चेहरे को अपने हाथो मैं लेकर सिसकी निक्की और मैं भी न रोक सकीय और उसके गुलाबी कांपते होंठ चुम लिए!

एक आग सी लगी हुई थी हम दोनों के जिस्मों मैं! मैं उसके होंठ पर होंठ रख कर सिसक उठी शालू प्लीज मुझे बताओ न आश्विन ने कैसे चूमे थे ये प्यारे-२ होंठ! तो अपने नाज़ुक गुलाबी होंठ दातों मैं दबा कर मुस्कुराई , निक्की उसके लिए तो तुमको शालू बनना पड़ेगा!

मैं हंस दी चलो ठीक है तुम आश्विन बन जाओ! शालू ने अपनी बांहे फैला दी तो मैं उनमे समां गई और हु मेरे गाल होंठ आँखें नाक और गर्दन पर प्यारा करने लगी! तो मैं तरप उठी यह आआह श शाआलू आइए माँ नहीं ओह ओह ओह री उफ़ ये यह ओह ोूमम ोोूम यह यह क्या कर रही हो यह है है बस बस नहीं न ऊम्फ!

उसके होंठ मेरे होटों से चिपक गए और उसकी गुलाबी ज़बान मेरे होटों पर मचलने लगी! उसके एक हाथ जैसे ही मेरे दूध पर आया मेरी चीख निकल गई नाआहि यह शालू ऊफ मत करो प्लीज यह क्या कर रही हो तो मेरे होठ चुस्ती हुई सिसकी वही जो आश्विन ने मेरे साथ किया था!

मुझ से ज़ूम गई और उसकी ज़बान मेरे होंठ खोल रही थी धीरे-२ और फिर अंदर घुस गए तो मैं उसकी ज़बान की गर्मी से पागल हो उठी और उस से लिपट गयी!

शालू ने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरे दोनों दूध दबाते हुए मेरे होंठ चूसने लगी ऊफ उसकी ज़बान इतनी चिकिनी गरम और इतनी लम्बी थी के मेरे पुरे मुंह मैं मचल रही थी और मेरे गले तक जा रही थी!

हम दोनों के चेहरे पूरे लाल हो रहे थे और थूक से भीग चुके थे! मुझे बोहोत मज़ा आ रहा था और मैं भी उसका साथ दे रही थी और उसका पायरा सा गुलाबी चेहरा हाथो मैं लेकर उसके होंठ और ज़बान चूस रही थी और सिसक रही थे!

आह यह शालू यह यह हाँ यह निक्की मेरी जान , ऊफ शालू क्तिनी मज़े की ज़बान है तेरी इतनी लम्बी ऊफ सच्ची आश्विन को मज़ा आ गया होगा यही धीरे निक्की यह सच्ची निक्की बोहोत मज़ा आया था क्या बताओं तुजे!

आह धीरे ने मेरे होंठ आह निक्की उठो न प्लीज अब तो हम दोनों उठे तो फिर से मुझे लिप्ट कर मेरे होंठ चूसने लगी और मेरे कुर्ते की ज़िप खोली और मेरी ब्रा का हुक खोल दिया और मेरे मुंह मैं सिसकी उतरो न निक्की प्लीज और मेरे हाथ ऊपर करके मेरा कुरता अलग कर दिया!

शालू ये आह तो मेरे होंठ चूम कर सिसकी कुछ न बोलो निक्की सच्ची बोहोत मज़ाआ रहा है! मैं उसके सामने टॉपलेस बैठी थी शर्म से मेरी बुरी हालत थी मैं ने अपने दोनों हाथो से अपने भरे भरे दूध छुपा लिए और देखा तो शालू ने भी अपना कुरता और ब्रा अलग कर दी और मैं देखती रह गई!

उफ कितने प्यारे दूध हैं शालू के खूब बड़े बड़े बिलकुल गुलाबी रंग तानी हुई लम्बी चूचियां जिनके आस पास लाल रंग का गोल घेरा उस ने मुझे अपनी तरफ देखते हुए पाया और मेरी आँखें चूम लीं और मेरे दोनों हाथ मेरे दूधों पर से हटाए और अपने दूधों पर रखे और होंठ चबा कर सिसकी उउइइ माँ आह आह और फिर मेरे दूध पकड़े तो मेरी जान निकल गई !

आई आआएर अहह यह आअह हम आआआआआह नहीं शाल्ल्लु और मैं बी उसके दूध ज़ोर से दबाये तो शालू भी मुझे से लिपट कर सिसक उठी आईईए यह यह यह धीरे आह निकककककी धीरे आह मेरे दुद्दू और मेरे होटों पर होंठ रखे तो एक साथ हम दोनों की ज़बाने मुंह के अंदर घुस पारी!

उसकी लम्बी चिकनी और गरम ज़बान ने मुझे पागल कर दिया और फिर मुझे लिटा कर हु भी मेरे ऊपर लेट गई. हमारे दूध आपस मैं जैसे ही टकराई तो दोनों की चीखें निकल पारी और हम दोनों झूम गए और मेरी छूट रास से भर गयी!

मैं ने उसे लिप्त लिया और उसकी पीठ और चिकनी कमर और नरम-२ चूतर सेहलनि लगी तो वह मेरे जिसमं पर मचलने लगी मैं ने उसका गुलाबी चेहरा उठाया!

तो उसकी आँखें नहीं खुल पा रही थी बोहोत हसीं लग रही थी! शालू मैं उसके गाल और होंठ चूसने लगी उसके गोल नरम नरम दूध मेरे सोषों से टकराते तो जैसे आग लग जाती !

मैं ने उसको थोड़ा ऊपर किया तो उसके खूबसूरत चिकेन गुलाबीदूध मेरे सामने थे मैं अपने आप को रोक न सके और उसकी लाल चूची पर ज़बान फेरि!

वाह मस्ती मैं चिल्ला पारी आईएईए माँ मर जोऊंगी मैं आह यह ओह ोूफ यह निक्की आह अहह हाँ यह यह यह भी किआ था ऐश… यह अश्वनी ने.! मैं ने उसका पूरा पूरा दूध मुँह मैं ले लिया तो मज़ा आ गया और शालू ने मेरा चेहरा थम कर अपने दूधों मैं घुसा लिया और झटक कर मचलने लगी!

आईए निक्की धीरे प्लीज ऊफ आई री माँ धीरस न बोहोत अच्छा लग रहा है पूरा पूरा चूसो न ऊफ मेरा दूध यह निक्कि न सच्ची आईए ऐसे नहीं न काटो मत प्लीज!

तुम तो यह आश्विन से अहह अच्छा चुस्ती हो आराम से मेरी जान और हु मेरे दूध दबाने लगी है सच्ची कितनी नरम दूध हैं तेरे निक्की मुझे दो न प्लीज निक्की तो मैं इ होंठ अलग किये!

उसके दूध से और देखा तो उसका दूध मेरे चूसने से लाल और ठोक से चिकना हो रहा था तो मैं ने जैसे ही दूसरा दूध मुंह में लेना चाहा हु सिसक उठीनिक्की प्लीज मुझे दू न अपनी यह प्यारी-२ चूचियां कितनी मुलायम हैं!

सच्ची मैं और मेरी चूचियां मसलने लगी तो मैं ने उसके गीले लाल होंठ चूम लिए यह शालू आराम से मेरी जान आह और और क्या किया था अश्विन ने बताओ न तो मेरे दूधः अपने चिके गुलकबि गाल रख कर मुस्कुर और धीरे से बोली और कुछ नहीं करने दिया मैं ने!

क्यों शालू दिल नहीं चाहा तुम्हारा. हु मेरे ऊपर से उतर कर अपने पेअर पहला कर बैठी और मुझे भी अपने से चिपका कर बिठा लिया और मेरे दूधों से खेलते हुए बोली निक्की सच दिल तो बोहोत चाहा लेकिन मैंने अपने को बरी मुश्किल से रोका!

क्यों क्या डर लग रहा था तो मेरे दूधों पर ज़बान फेरने लगी तो मेरी आँखें बंद हो गयी मज़े मैं और मेरा हाथ उसकी चकिनी मुलया पेट पर आया और उसकी गोल नैवेल में ऊँगली घूमने लगी! आगे पढ़ें

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